10 short moral stories in Hindi – Story in Hindi

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नमस्कार दोस्तों, आज फिर से हमारी वेबसाइट पर आपका स्वागत है इस लेख में हम short moral stories in hindi और कई अन्य हिंदी कहानियां साझा करने जा रहे हैं। मुझे यकीन है कि आप इस लेख को पढ़ना पसंद करेंगे क्योंकि इस लेख को लिखने में बहुत समय लगा।

आज इस ब्लॉग में मैंने 5 से अधिक short moral stories in hindi साझा किया है। मुझे यकीन है कि आप इसे पढ़ना पसंद करेंगे क्योंकि यह कहानी कमाल की है।

आज इस लेख में हम निम्नलिखित बातें साझा करने जा रहे हैं:

  1. पथ भ्रष्ट बालक
  2. देश की यात्रा
  3. नारी – शिक्षा का महत्त्व
  4. डॉ. कलाम
  5. जीवन में मोबाइल का महत्व

कृपया पूरा लेख पढ़ें क्योंकि short moral stories in hindi, moral stories in hindi, moral stories for kids in hindi लिखने में बहुत समय लगा और इसे लिखने में हमने बहुत मेहनत की है।

short moral stories in hindi – पथ भ्रष्ट बालक

कोई भ्रमित लड़का स्कूल जाने के समय खेलने चला गया, लेकिन उसके खेलने में समय बिताने को कोई राज़ी नहीं हुआ था। क्योंकि वे सब पहले दिन के पाठों को याद करके स्कूल जाने की जल्दी से तैयारी कर रहे थे। आलसी लड़का शर्म के कारण उनकी नज़रों से बचता हुआ अकेले ही पार्क में चला गया।

उसने सोचा- ये बेचारे किताबी कीड़े वहीं रहें, मैं तो अपना मनोरंजन करूँगा। क्रोधी अध्यापक का चेहरा, मैं बाद में देखूँगा। पेड़ के खोखलों में रहने वाले ये प्राणी (पक्षी) मेरे दोस्त बन जाएँगे।

तब उसने उस उपवन में घूमते हुए भौंरे को देखकर खेलने के लिए बुलाया। उसने उसकी दो-तीन आवाज़ों की ओर तो ध्यान ही नहीं दिया। तब बार-बार आहट करने वाले उस बालक के प्रति उसने गुनगुनाया- हम तो पराग सचित करने में व्यस्त हैं। तब उस बालक ने अपने मन में “व्यर्थ में घमंडी इस कीड़े को छोड़ो”, ऐसा सोचकर दूसरी ओर देखते हुए एक चिड़े (पक्षी) को चोंच से घास-तिनके आदि उठाते हुए देखा। बस उससे बोला- “अरे चिड़िया के शावक तुम मुझ मनुष्य के मित्र बनोगे ? आओ खेलते है।

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इस सूखे तिनके को छोड़ो, मैं तुम्हें स्वादिष्ट खाद्य-वस्तुओं के ग्रास दूँगा।” “मुझे बरगद के वृक्ष की शाखा पर घोंसला बनाना है। अतः मैं काम से जा रहा हूँ’- ऐसा कहकर वह अपने काम में व्यस्त हो गया। तब दुःखी बालक ने कहा- ये पक्षी, मनुष्य के समीप नहीं आते, अतः मैं, मनुष्यों के योग्य किसी अन्य मनोरंजन करने वाले को ढूँढ़ता हूँ- ऐसा सोचकर भागते हुए किसी कुत्ते को देखकर प्रसन्न हुए उस बालक ने कहा- हे मनुष्यों के मित्र ! इतनी गर्मी के दिन में व्यर्थ क्यों घूम रहे हो ? इस घनी और शीतल छाया वाले वृक्ष का आश्रय लो। मैं भी खेल में तुम्हें ही उचित सहयोगी समझता हूँ। कुत्ते ने कहा- जो पुत्रतुल्य मेरा पोषण करता है, उस स्वामी के घर की रक्षा के कार्य में लगे होने से मुझे थोड़ा-सा भी नहीं हटना चाहिए।

सबके द्वारा इस प्रकार मना कर दिए जाने पर टूटे मनोरथ वाला वह बालक सोचने लगा- इस संसार में प्रत्येक प्राणी अपने-अपने कर्त्तव्य में व्यस्त है। कोई भी मेरी तरह समय नष्ट नहीं कर रहा है। इन सबको प्रणाम- जिन्होंने आलस्य के प्रति मेरी घृणा भावना उत्पन्न कर दी। अतः मैं भी अपना उचित कार्य करता हूँ- ऐसा सोचकर वह शीघ्र ही पाठशाला चला गया।

तब से विद्याध्ययन के प्रति इच्छायुक्त होकर उसने विद्वता, कीर्ति तथा धन को प्राप्त किया।

short moral stories in hindi – पर्वतीय प्रदेश की यात्रा

जब हम संसार के कोलाहल से भरे जीवन से ऊब जाते है तब इस ऊब को समाप्त करने केलिए कहीं न कहीं की यात्रा का कार्यक्रम बना लेते है। कुछ समय पहले मैं भी अपनी दिनचर्या से ऊब गई थी और कहीं जाने का विचार बार-बार मन आता रहता था। उन्हीं दिनों मैंने कैलाश पर्वत के विषय में पढ़ा। कैलाश पर्वत पर लोग शान्ति और मुक्ति की खोज में युग-युगान्तर से जाते रहे है। हिमालय के अनेक प्रदेश आज भी वैराग को बसंत को वैराग में पलटते रहे है। देवता की आराधना के बहाने ही सही धर्म भीरू भारतवासी हिमालय-यात्रा करते रहते हैं। मेरे मित्र ने उत्तराखंड की यात्रा के लिए मुझे आमंत्रित किया। अंधा क्या चाहे दो आँखे, और मैं पर्वत पर जाने केलिए तैयार हो गया।

मन बड़ा बैचेन था कि यमनोतरी की चड़ाई किस प्रकार की जाएगी। सुना था कि तेरह किलो मीटर सीधा चढ़ना होगा। किंतु मन को राहत तब मिली जब पता चला की सात किलो मीटर चढ़ने के बाद रात्रि विश्राम जानकी चट्टी पर किया जाएगा। जब यहाँ हम पहुँचे तब शाम के करीब शाम के चार बजे थे। वर्षा का यहाँ कोई समय नहीं था। जानकी चट्टी को पार करके ऊपर चले तो वर्ष अपना रंग दिखा चुकी थी। ऊनी वस्त्रों के अभाव में मंद-मंद बर्फीली हवाएँ शरीर को और भी साहसी बना रही थी। रिमझिम वर्षा ने भी अपना रूप दिखाया और भिगोकर चली गई किंतु शायद उसे यह अहसास नहीं था कि चढ़ाई की शारीरिक गरमी उसका काम पूरा न होने देगी।

नारी – शिक्षा का महत्त्व

मानव जीवन में शिक्षा का महत्त्वपूर्व स्थान है। शिक्षा ही मनुष्य को सच्चा मानव बनाती है। शिक्षा ही उसके अज्ञानांधकार को दूर करके उसे ज्ञान का प्रकाश प्रदान करती है। इस कारण शिक्षा स्त्री-पुरुष दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण है। बालक की सबसे बड़ी जीवन-शिक्षक उसकी माँ होती है। अतः माँ का- नारी का शिक्षित होना अति आवश्यक है। एक शिक्षित नारी अपने शिशु की देख-रख जितनी कुशलता से कर सकती है, अशिक्षित नारी नहीं।

प्राचीन काल में ही हमारे देश में नारी शिक्षा के महत्त्व को समझ लिय गया था। वैदिक काल में नारियों में शिक्षा का प्रचार पुरुषों की तरह ही था। गार्गी, मैत्रेयी, सती मदालसा आदि विदुषियाँ इसका प्रमाण है। हाँ, मध्ययुग में नारी की दशा शोचनीय हो गई। किन्हीं सामाजिक, राजनैतिक कारणों से नारी घर के अंदर कैद होकर रह गई।

Moral stories in hindi – डॉ. कलाम

डॉ. कलाम दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति हैं। वे भारत को विकसित देश बनाने का सपना पाले हुए हैं। उनका मानना है कि भारतवासियों को व्यापक दृष्टि से सोचना चाहिए। हमें सपने देखने चाहिए। सपनों को विचारों में बदलना चाहिए। विचारों को कारवाई के माध्यम से हकीकत में बदलना चाहिए। डॉ. कलाम तीसरे ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिन्हें भारत का सर्वोच्च सम्मान “भारत-रत्न” दिया गया है। उन्हें “पद्मभूषण” तथा “पद्मविभूषण” से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Short moral stories in hindi

भारत को उनपर गर्व है। इतनी उपलब्धियाँ प्राप्त करने तथ इतना मान-सम्मान मिलने के बावजूद आज तक डॉ. कलाम को अहंकार छू तक नहीं पाया है। वे सहज प्रवृत्ति के एक भावुक व्यक्ति हैं। उन्हें कविताएँ लिखना, वीण बजाना तथा बच्चों के साथ रहना बेहद पसंद है। वे “सादा जीवन उच्च विचार” में विश्वास रखते हैं। कलाम साहब का व्यक्तित्व प्रेरणादायक है। उनका जीवन तपस्या से भरा है। उन्होंने राष्ट्रपति पद की शपथ लेने समय दिए गए भाषण में संत कबीरदास जी के इस दोहे का उल्लेख किया था- कल करै सौ आज कर, आज करै सौ अब” ।

जीवन में मोबाइल का महत्व

विज्ञान के इस युग में मानव को अनेक उपकरण प्रदान किए हैं जिनसे उसका जीवन अत्यंत सुविधाजनक तथा आरामदायक हो गया है। टेलीफोन के आविष्कार से मानव के बीच की दूरी कम हुई भी। पर अब मोबाइल फोन ने तो और भी कमाल कर दिया है। टेलीफोन में इसका कनेक्शन लेना अनिवार्य था जिसमें तारों का प्रयोग होता था।

मोबाइल फ़ोन के आगमन से तारों की समस्या से भी छूट मिल गई है। छोटा-सा मोबाइल लेकर कहीं से भी अपने मित्र से बातचीत की जा सकती है। अब तो मोबाइल फोन के अत्याधुनिक मॉडलों में अनेक प्रकार की सुविधाएँ भी आ गई है, जिनमें इंटरनेट, कैमरा प्रमुख है।

किसी दुर्घटना की स्थिति में इसका उपयोग करके दमकल, पुलिस आदि को आसानी से बुलाया जा सकता है। मोबाइल फोन असुविधा का कारण भी बन जाता हैं। अपराधी तथा समाजविरोधी तत्व भी मोबाइल फोन का प्रयोग करके अवांछित कार्य करने में कामयाब हो जाते हैं।

Conclusion

अपना बहुमूल्य समय देने और short moral stories in hindi, हिंदी में लघु नैतिक कहानियां के बारे में इस ब्लॉग को पढ़ने के लिए धन्यवाद। मुझे यकीन है कि आप इसे प्यार करते थे। यदि आप इस उपयोगी ब्लॉग को अपने मित्र और परिवार के सदस्यों के साथ साझा करेंगे तो हमें वास्तव में खुशी होगी।

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